गणेश चतुर्थी व्रत में ऐसे करें पूजा, बुद्धि-विद्या में होगी वृद्धि

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गोरखपुर। संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत 13 – 01- 2020 सोमवार चन्द्रोदय रात्रि 08:14 के बाद अर्घ दान …पंडित राकेश पाण्डेय
माघ कृष्ण चतुर्थ्यां तु प्रादुर्भूतो गणाधिप:।।
यह व्रत माघ कृष्ण पक्ष चतुर्थी को किया जाता है ! इस वार संकष्टी गणेश चतुर्थी के दिन सोमवार का दिन श्लेषा नक्षत्र दिवा 12:25 तक पश्चात मघा नक्षत्र भोग करेगी ! प्रीति योग पश्चात आयुष्मान योग मिल रहा है अतः यह व्रत सर्वमंगलकारी है । इसी दिन बुद्धि- विद्या वारिधि गणेश तथा चन्द्रमा की पूजा करनी चाहिए !

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दिन भर व्रत रहने के बाद सायं काल चन्द्र दर्शन होने पर दूध का अर्घ देकर चन्द्रमा की बिधिवत पूजा की जाती है ! गौरी – गणेश की स्थापना करके पूजन करके तथा वर्ष भर उन्हें घर में रखा जाता है ! नैवेद्य सामग्री, तिल,ईख,गंजी,अमरूद,गुड तथा घी से चन्दमा एवं गणेश जी को भोग लगाया जाता है ! यह नैवेद्य रात्रि भर डलिया इत्यादि से ढंककर यथावत रख दिया जाता है, जिसे पहार कहते है !

पुत्रवती मातायें पुत्र तथा पति की सुख समृद्धि के लिए व्रत रहती है ! सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उस ढंके हुए पहार को पुत्र ही खोलता है तथा भाई – बन्धुओं में वितरित करना चाहिए, जिससे आपस में प्रेम भावना स्थापित होता है !!