कोरोना का बढ़ता प्रकोप लेकिन नहीं मान रहे लोग, कह रहे कि “जौउन होई तौन देखल जाई”

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नीतीश गुप्ता, गोरखपुर। गोरखपुर और उसके आसपास के इलाकों में हर दिन कोरोना का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। लेकिन ऐसा लगता है जैसे मानों इसका डर अब लोगों के अंदर से ख़त्म हो चुका है।

जब देशभर में लॉकडाउन था तो लोग कहीं न कहीं कोरोना से डर के अपने घरों में दुबके थे। लॉकडाउन के समय लोग एक दूसरे को खुद भी समझाते थे कि मामला गड़बड़ है घर में ही रहना सही है वरना बाहर गए तो कोरोना होने का डर है।

लेकिन जैसे जैसे समय बीतता गया लोगों का डर भी खत्म हो गया। तब कोरोना का प्रकोप अपने शहर में नहीं था लेकिन अब जब कोरोना मरीजों की संख्या 500 के करीब पहुँचने वाली है तो लोग बेखौफ सड़कों पर घूमते नजर आ रहे हैं।

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प्रशासन ने भले ही तमाम जागरूक अभियान चलाकर लोगों को बचाव का तरीका और सावधानी बरतने को कहा हो लेकिन लोग सड़कों पर बेखौफ बिना मास्क लगाए बिना सावधानी बिना सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन किये बाजारों में घूमते नजर आ रहे हैं।

आप जिधर देखेंगे लोगों की भीड़ नजर आएगी क्या पुरुष, क्या महिला क्या बच्चे और क्या कपल सभी आपको खुलेआम बिना सुरक्षा के सड़कों पर नजर आएंगे। गोरखपुर के तारामंडल स्थित नौकाविहार पर तो लव बर्ड्स का जमावड़ा भी लगने लगा है।

यही नहीं वहां फिर से खुलेआम चाऊमीन, बर्गर, भुट्टा आदि की दुकानें भी लगने लगी है। लोगों को देख ऐसा लग रहा जैसे अब कोरोना खत्म हो गया हो वहीं अगर आपने गलती से भी किसी को समझाने की कोशिश की तो जवाब मिलेगा कि छोड़ा मर्दवा “जौउन होई तौन देखल जाई”।