Home पूर्वांचल सिद्धार्थ नगर डग्गामार वाहनों से परेशान शोहरतगढ़

डग्गामार वाहनों से परेशान शोहरतगढ़

पंकज चौबे, सिद्धार्थनगर।
जिले के विभिन्न मार्गो पर मानक से अधिक सवारियां भरकर बेतरतीब दौड़ रहे डग्गामार वाहन एवं टैम्पो लोगों में मौत का सबब बन रहे है। इन तिपहिया वाहनों में अधिकतर कम उम्र एवं अप्रशिक्षित चालक होते है तथा अधिकतर वाहन बिना परमिट फर्राटा भर रहे है। यातायात नियमों से अनभिज्ञ यह अप्रशिक्षित चालक अक्सर दुर्घटनाएं कर बैठते है। आए दिन इन मार्ग दुर्घटनाआें से होने वाली जन व धन हानि से भी परिवहन विभाग सबक नहीं ले रहा है।

उसका नौगढ़ वर्डपुर शोहरतगढ़ खुनुवा कोटिया बढ़नी सहित ग्रामीणांचलों में सैकड़ों की संख्या में डग्गामार एवं टैम्पो का संचालन होता है। सडक़ों पर सवारियां भरकर दौडऩे वाले यह वाहनों में परमिट नहीं होता और अधिकतर वाहनों के चालक प्रशिक्षित एवं कम उम्र के होते है।

वाहनों पर मानक से अधिक सवारियां भरकर जनपद की व्यस्त सडकों पर फर्राटा भरते यह वाहन गंतव्य तक पहुंचने की जल्दबाजी में अक्सर पलट जाते है या फिर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते है। इससे जन व धन की हानि हो जाती है। विभागीय द्वारा निर्धारित मानक से अधिक सवारियां ढो रहे इन वाहनों के चालकों पर या तो परिवहन विभाग आंखे मूंदे रहता है या फिर चालकों पर उनकी नजरे इनायत रहती है। तिपहिया वाहनों पर मानक से अधिक सवारियों को आड़े तिरछे बिठाकर चलने में टेम्पों अक्सर अनियंत्रित होकर सडक़ पर पलट जाते है अथवा दुर्घटनाएं कर बैठते है।

बिना कागज और टैक्स दिए यह डग्गामार वाहन जिले के विभिन्न मार्गो पर फर्राटा भर रहे है। चालकों की माने तो जिले के कई मार्ग इस कदर जर्जर है कि सडक़ों पर बने जानलेवा गड्ढों को बचाने में अक्सर वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाआें का शिकार हो रहे है फिर भी पुलिस और परिवहन विभाग की सांठ गांठ से चालक इन डग्गामार वाहनों एवं टेम्पुआें का संचालन धड़ल्ले से कर रहे है।

अधिकतर डग्गामार वाहनों एवं टेम्पों चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। अधिकतर गांवों मेंट्रैक्टर चलाने वाले अवयस्क चालकों द्वारा टेम्पो का संचालन किया जा रहा है। बीस से पच्चीस सवारियें की जान हथेली पर रखकर डग्गामार वाहनों के चालक पुलिस व परिवहन विभाग के सामने से बेखौफ होकर एेसे अभिवादन करके निकल जाते है। मानो उनकी काफी पुरानी जान पहचान हो। जिले की सडक़ों पर आए दिन हो रही मार्ग दुर्घटनाआें से भी परिवहन विभाग के जिम्मेदार लोग सबक नहीं ले रहे है।

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