गुरु गोरक्षनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में योग सप्ताह का दूसरा दिन

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गोरखपुर, 15 जून। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के अंतर्गत संचालित गुरु गोरक्षनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (आयुर्वेद कॉलेज) में 9वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित अमृत योग सप्ताह के दूसरे दिन गुरुवार को प्रातः कालीन प्रथम सत्र में आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य डाॅ मंजूनाथ एनएस के नेतृत्व मे बीएएमएस विद्यार्थियों ने योग एवं प्राणायाम का अभ्यास किया।

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कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में संहिता सिद्धांत विभाग के सहायक आचार्य साध्वी नंदन पाण्डेय ने बीएएमएस विद्यार्थियों को पतंजलि योग सूत्र का जाप करवाया।

जाप के पश्चात आचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पंतजलि योग सूत्र का जाप करते समय आप सभी ने प्राणायाम कर लिया क्योंकि जाप की प्रक्रिया में आपने पूरक (श्वांस लेना), रेचक (श्वांस छोड़ना) और कुम्भक (श्वांस रोकना) का अभ्यास कर लिया है।

श्वांस की यह क्रिया शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में लाभकारी होती है। इससे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और दीर्घ आयु की प्राप्ति होती है। आचार्य साध्वी नंदन ने कहा कि योग का अर्थ है जुड़ना। अतः अपने को स्वंय (आत्मा) से जोड़ना ही योग है। आत्मा के स्वरूप को पहचान सकें और उसमें स्थित हो जाएं। इसके लिए चित की वृत्तियों का निरोध योग के द्वारा कर मनुष्य परम पद को प्राप्त कर सकता है।

योग इंन्द्रियों को बस में कर चेतन आत्मा से संयुक्त होने का विज्ञान है।
कार्यक्रम में आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य मंजूनाथ एनएस, डाॅ शांतिभूषण, डाॅ प्रज्ञा सिंह समेत सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।