इंटर स्टेट सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़, बनाते थे नकली एडमिट कार्ड, आधार कार्ड

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गोरखपुर। पुलिस ने एक इंटरस्टेट सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया है। जिसमे रानीडीहा में फोटो स्टूडियो चलाने वाला युवक भी शामिल था।

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फोटो स्टूडियो चलाने वाला युवक ही अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने वाले साल्वरों का फर्जी प्रवेश पत्र और आधार कार्ड बनाता था।

इस बात की जानकारी होने के बाद एसटीएफ ने आरोपित की तलाश शुरू कर दी है। इसके साथ ही नौसढ़ के ऑनलाइन सेंटर में काम करने वाली युवती की भी एसटीएफ तलाश कर रही है।

बिहार के रोहतास स्थित विक्रमपुर धारूपुर गांव निवासी महेंद्र सिंह खोराबार क्षेत्र में किराए पर कमरा लेकर रहता था

उसके गांव के ही धनंजय उर्फ विधायक ने भी इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप कमलेशपुरम कॉलोनी में किराए पर कमरा लिया था।

दोनों दो साल से गोरखपुर में ही रहकर अपने साथियों और ऑनलाइन परीक्षा कराने वाले सेंटर के कर्मचारियों की मिली भगत से धांधली कर रहे थे।

गांव के स्टूडियो संचालक के अलावा रानीडीहा चौराहे पर स्थित फोटो स्टूडियो की दुकान पर साल्वर का कूटरचित प्रवेश पत्र तैयार कराते थे।

इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसटीएफ ने स्टूडियो संचालक की तलाश शुरू कर दी है।

नौसढ़ के एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर काम करने वाली महिला कर्मचारी को भी एसटीएफ ढूंढ रही है।

महेंद्र के पास से मिली डायरी में 65 अभ्यर्थियों का नाम लिखा मिला है, जिन्हें ई-परीक्षा केंद्र जंगल धूसड़ और नौसढ़ स्थित स्वास्तिक ऑनलाइन केंद्र पर परीक्षा देना था।

इन अभ्यर्थियों के बारे में भी एसटीएफ जानकारी जुटा रही है।

एसटीएफ ने शुक्रवार की सुबह दिल्ली पुलिस भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

कैंट क्षेत्र के पैड़लेगंज से सासाराम (बिहार) के रहने वाले सरगना महेंद्र सिंह, दो साल्वर समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया।

बिहार, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, प्रयागराज, इटावा और औरया के रहने वाले आरोपितों के कब्जे से 12 हजार रुपये, 11 मोबाइल फोन, 14 आधार कार्ड, एक डायरी, छह कूट रचित प्रवेश पत्र, 44 मोबाइल के स्क्रीन शाट, हार्ड कापी, और छह मोटरसाइकिल बरामद हुई।

पकड़े गए आरोपित 27 नवंबर से शहर के चार ऑनलाइन सेंटर पर कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) मध्य क्षेत्र द्वारा आयोजित दिल्ली पुलिस में कान्सटेबल (कार्यकारी) पुरुष और महिला सिपाहियों की होने वाली भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने की फिराक में थे।

एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह ने कैंट थाने में आरोपितों के खिलाफ साजिश के तहत कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज कराया है।