बस्ती में आयुष्मान योजना के नाम पर गरीबों के खाते हुए खाली!

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बस्ती। सरकारी योजना के नाम पर गौर थानाक्षेत्र के सैकड़ों किसानों के चोरी व धोखाधड़ी रोकने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इन्हीं में से एक कदम आधार कार्ड का भी है। केंद्र सरकार ने आधार को सबसे सुरक्षित बताते हुए हर योजना के लिए इसे अनिवार्य कर दिया है जबकि सुप्रीम कोर्ट ने डॉटा लीक होने का संदेह जताते हुए आधार की अनिवार्यता का समाप्त कर दिया था।

बावजूद इसके आधार की अनिवार्यता आज भी बदस्तूर जारी है। आलम यह है कि जिसका बैंक खाता अभी तक आधार से लिंक नहीं हो सका है बैंक ऐसे खातों के संचालन प्रक्रिया पर रोक लगा दिया है। जबकि अब तक कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिससे यह साफ हो चुका है कि आपका आधार सुरक्षित नहीं है।

ऐसा ही ताजातरीन मामला उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद के गौर थानाक्षेत्र से आया है। जहां जालसाजों ने आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर आधार कार्ड लिंक कराकर लगभग सैकड़ों लोगों के बैंक खातों से करोड़ों रुपए उड़ा दिए हैं।

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जालसाजों का रैकेट इतना सक्रिय हो गया है कि वह अब लोगों के बैंक खातों से भी पैसा उड़ा ले रही हैं। इस तरह के धोखाधड़ी के अब तक कई ऐसे मामले सामने आ चुके है। आयुष्मान योजना में नाम दर्ज कराने के नाम पर कुछ लोगों ने गौर थानाक्षेत्र के कई गांवों के लोगों का फार्म भरवाया और इसमें आधार लिंक कराने के नाम पर अंगूठा भी लिया गया।

ठगी के शिकार हुए लोगों का कहना है कि फार्म में तीन जगह अंगूठा लिया गया। इसके कुछ समय बाद लोगों के एकाउंट से पैसे कटने शुरू हो गए। कई ऐसे भी है जिन्हें पता ही नहीं है कि उनके खाते से किसी ने पैसा उड़ा दिया है। ऐसे में जालसाजी के शिकार हुए लोगों की संख्या अभी काफी बढ़ सकती है।

लोग जब तक इस बात को समझ पाते तब तक लगभग सैकड़ों लोगों के एकाउंट करोड़ों रुपए साफ हो चुके थे। लगभग ये सभी खाते ग्रामीण बैंक गौर के हैं। इस संदर्भ में जब ग्रामीण बैंक मैनजर से बात की गई तो उन्होंने बैंक खातों से पैसे निकाले जाने की बात को स्वीकारते हुए कहा कि हमारे पास दर्जनों की संख्या में ऐसी शिकायतें मिली है।

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लोगों के खातों से दस-दस हजार करके कई बार में रकम निकाली गई है। कोरोना संकट के चलते बैंक बंद होने की वजह से और लोगों की शिकायतें नहीं मिल पा रही हैं। ये सभी शिकायतें गौर थाने पर भी की गई हैं। जिस पर जांच चल रही है।

हैरत की बात यह है लोगों को जब इस तरह के फ्राड किए जाने की जानकारी हुई तो वह बैंक पहुंचे। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते गौर का ग्रामीण व एसबीआई बैंक सील होने की वजह से बंद चल रहे हैं। कई एसबीआई खाता धारकों की भी पैसा निकल जाने की शिकायत है लेकिन इस मामले में एसबीआई गौर से कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

लोगों ने इसकी शिकायत गौर थाने में की, जिस पर पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। आयुष्मान योजना के नाम पर जिन—जिन लोगों ने अपना आधार लिंक कराया था सब अपने बैंक खाते को बंद कराने का प्रयास कर रहे हैं। मजे की बात यह है कि जो खाते आधार से लिंक थे उन्हीं का पैसा साफ हुआ है। ऐसे में यह साफ हो रहा है कि आपका आधार सुरक्षित नहीं है।

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लगातार आ रही धोखाधड़ी की घटनाओं से लोगों में काफी आक्रोस देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार योजनाएं लागू नहीं कर रही है बल्कि लोगों पर जबरन थोप रही है। जब सुप्रीम कोर्ट ने आधार की अनिवार्यता समाप्त कर दी है तो सभी सरकारी योजनाओं में आधार किस लिए अनिवार्य किया गया है।

एक तरफ सरकार कह रही है कि आपका आधार सुरक्षित है तो दूसरी तरफ आधार से लोगों को लाखों का चूना लगाया जा रहा है। सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा आम जनमानस को भुगतना पड़ रहा है।

वहीं एसपी हेमराज मीणा ने इस बाबत बताया कि शिकायत मिली थी जिसकी जांच की गई और जाओ हाजियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, तत्वों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

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रिपोर्ट: दिलीप पांडेय