ब्रेकिंग : लखनऊ हाईवे पर भी खतरा, रिसाव के कारण कालेसर से गोरखपुर के तरफ भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक

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गोरखपुर। नौसड़ से आगे कोलिया के पास बंधे से पानी का रिसाव होने की खबर है। कालेसर से गोरखपुर की तरफ आने वाले बड़े वाहनों को रोका गया है।

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इस वजह से लखनऊ-बस्ती की तरफ से गोरखपुर की तरफ आने वाले भारी वाहनों को कालेसर से डायवर्ट कर फोरलेन होते हुए कड़जहां की तरफ से एंट्री दी जा रही है।

आपको बता दें कि इसके पहले गोरखपुर बनारस मार्ग पर भी कौड़ीराम से पहले बगहा बाबा मंदिर के पास राप्ती का पानी चढ़ जाने के कारण उधर भी बड़े वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया है।

इसके अलावा गोरखपुर महाराजगंज मार्ग पर भी जंगल कौड़िया के पास फोरलेन पर पानी चढ़ गया है। हालांकि यहां भी किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है लेकिन फिर भी एहतियात बरते जा रहे हैं खतरा बरकरार है।

आपको बता दें कि गोरखपुर के लगभग दो लाख आबादी बाढ़ से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित है। 3000 हेक्टेयर से अधिक खेत पूरी तरह से पानी में डूब चुके हैं। गोरखपुर के लगभग 200 गांव में बाढ़ पानी घुस गया है जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक राप्ती नदी का जलस्तर आज भी बढ़ेगा। इससे बांधों पर पानी का दबाव और बढ़ेगा। रिसाव व कटान का खतरा और बढ़ जाएगा।

दूसरी तरफ जिले के अलग-अलग 11 बांधों से पानी के रिसाव की सूचना है।

केंद्रीय जल आयोग ने मंगलवार की देरशाम जो रिपोर्ट जारी की है उसके मुताबिक रोहिन नदी के उफनाने से राजपुर दुबे टापू बन गया है। सिर्फ पानी ही दिख रहा है।

जंगल कौड़िया स्थित राजपुर दूबे गांव के लोग बांधों पर शरण लिए हैं। कुछ परिवार बैलगाड़ी में बैठकर दिन काट रहे हैं।

वहीं, राप्ती नदी के उफनाने से बोक्टा बरवार बांध का बोल्डर पिंचिंग का काम बेकार हो गया है। ज्यादातर बोल्डर पानी में समा गए हैं।

राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर

पिपरौली क्षेत्र के ज्यादातर संपर्क मार्गों पर पानी चढ़ गया है। इससे आवागमन बाधित है।

हालांकि प्रशासन पूरे मामले पर निगाह बनाए हुए हैं। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की अलग-अलग टीमें राहत-बचाव कार्य में लगाई गई हैं।