11 विभाग मिल कर मनाएंगे विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह, 1 जुलाई से पूरे प्रदेश में चलेगा अभियान

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गोरखपुर। एक जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह मनाया जाएगा। इस अभियान में 11 विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर इस अभियान को सफल बनाएंगे।

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अभियान के दौरान दिमागी बुखार, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, टीबी और कोविड जैसे संचारी रोगों पर जनजागरूकता से वार किया जाएगा।

इस संबंध में जिला स्तरीय वर्चुअल प्रशिक्षण हो चुका है। शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण भी करवाया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग नोडल विभाग की भूमिका में रहेगा। समूचा अभियान कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए चलाया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह के दौरान दिमागी बुखार और अन्य संचारी रोगों की निगरानी की जाएगी। बुखार के रोगियों को चिन्हित कर अस्पताल भिजवाया जाएगा।

अंग्रिम पंक्ति कार्यकर्ता आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम जिन लक्षणयुक्त मरीजों की सूची देंगी उन सभी मरीजों की जांच कराई जाएगी।

संभावित क्षय रोगियों की जांच करवा कर उनका इलाज करवाया जाएगा। बीमार लोगों के लिए निःशुल्क परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। मच्छरों के लार्वा को नष्ट किया जाएगा और फॉगिंग करवाई जाएगी। एलईडी वैन के माध्यम से जनजागरूकता के लिए प्रचार-प्रसार करवाया जाएगा।

डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि जिला प्रशासन की देखरेख में स्वास्थ्य विभाग के अलावा नगर विकास विभाग, पंचायती राज्य विभाग व ग्राम्य विकास विभाग, पशुपालन विभाग, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, शिक्षा विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग, सूचना विभाग और उद्यान विभाग अभियान में अपनी-अपनी भूमिका से सहयोग करेंगे। नोडल के तौर पर माइक्रोप्लानिंग और रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी।

यह प्रमुख गतिविधियां होंगी

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार नगर विकास विभाग नगरीय क्षेत्र में शुद्ध पेयजल, साफ-सफाई, मच्छरों की रोकथाम, संवेदनशील क्षेत्रों को खुले में शौच से मुक्त कराना और नाला-नालियों की साफ-सफाई का काम होगा।

पंचायती राज विभाग व ग्राम्य विकास विभाग जनजागरूकता, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, वेक्टर कंट्रोल और वातावरणीय स्वच्छता के प्रयास, पशुपालन विभाग सुकरबाड़ों को आबादी से दूर करवाने के प्रबंधन का काम होगा।

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन, उन्हें पुष्टाहार वितरित करना, जनजागरूकता व संवेदीकरण, दिमागी बुखार के दिव्यांग बच्चों को योजनाओं का लाभ दिलवाने का प्रयास किया जाएगा।

शिक्षा विभाग वाट्स एप ग्रुप के जरिये जनजागरूकता अभियान व संवेदीकरण, चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा बीमारियों की जांच के लिए प्रयोगशाला प्राविधिक प्रशिक्षण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा दिमागी बुखार के दिव्यांग रोगियों के कल्याण की योजनाओं का लाभ दिलवाने का काम करेगा।

वहीं कृषि एवं सिंचाई विभाग द्वारा मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाने, सूचना विभाग द्वारा प्रचार-प्रसार और उद्यान विभाग द्वारा मच्छर रोधी पौधों के रोपण जैसी गतिविधियां प्रमुख तौर पर संचालित की जानी हैं।