प्राथमिक विद्यालय के छात्रों ने किया नरसिंह व प्रहलाद का प्ले

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हाटा कुशीनगर।

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सुकरौली विकास खण्ड के प्राथमिक विद्यालय मठसूरजगिर के छात्र छात्राओं ने पारम्परिक व पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान नरसिंह व प्रहलाद बनकर होलिका दहन कर होली के त्यौहार मनाने की पौराणिक कथा का जिवंत चित्रण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए स्कूल के प्रधानाध्यापक योगेंद्र यादव ने कहा कि होली का पर्व हमें ऊंच नीच का भेद भाव किये बिना आपसी मतभेदों को भूलकर प्रेम पूर्वक मनाना चाहिए। स्कूल की सहायक अध्यापिका अर्चना त्रिपाठी ने होलिका दहन करने व होली पर्व मनाने की पैराणिक मान्यताओं को समझाते हुए कहा कि विष्णुपुराण की एक कथा के अनुसार जिस समय असुर संस्कृति शक्तिशाली हो रही थी, उस समय असुर कुल में एक अद्भुत, प्रह्लाद नामक बालक का जन्म हुआ था। उसका पिता, असुर राज हिरण्यकश्यप देवताओं से वरदान प्राप्त कर के निरंकुश हो गया था। उसका आदेश था, कि उसके राज्य में कोई विष्णु की पूजा नही करेगा। परंतु प्रह्लाद विष्णु भक्त था और ईश्वर में उसकी अटूट आस्था थी। इस पर क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने उसे मृत्यु दंड दिया। हिरण्यकश्यप की बहन, होलिका, जिस को आग से न मरने का वर था, प्रह्लाद को लेकर अग्नि में बैठ गई, परंतु ईश्वर की कृपा से प्रह्लाद को कुछ न हुआ और वह स्वयं भस्म हो गई। अगले दिन भग्वान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर हिरण्यकश्यप को मार दिया और सृष्टि को उसके अत्याचारों से मुक्ति प्रदान की। इस ही अवसर को याद कर होली मनाई जाती है। इस प्रकार प्रह्लाद की कहानी होली के पर्व से जुड़ी हुई है।

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इस अवसर पर योगेन्द्र यादव, अर्चना त्रिपाठी, सुबाष यादव,बिनीत मणि त्रिपाठी ,बिमला, मालती, व रीता आदि लोग मौजूद रहे।

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