देवरिया वीडियो कांड : 2 गिरफ्तार, मुख्यारोपी की तलाश

817

देवरिया : सदर कोतवाली के सकरापार नहर के समीप पेड़ में बांधकर एक किशोर को पैसे के लेन-देन में बेल्ट व डंडा से पीटने के मामले में एसपी की सख्ती दिखने लगी है। हालांकि मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। मुख्यारोपी की तलाश बघौचघाट के थानाध्यक्ष के जिम्मे सौंपी गई है। पुलिस ने घटना का वीडियो बनाकर वायरल करने वाले समेत दो युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि एक नामजद सहित चार आरोपितों को हिरासत में लेकर देर शाम तक पूछताछ करती रही। हालांकि देर शाम तक गिरोह के सरगना विकास यादव को गिरफ्तार करने में पुलिस सफल नहीं हो सकी थी। उधर पुलिस अधीक्षक का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपित पुलिस गिरफ्त में होंगे और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहर के बजाजी रोड निवासी शमशाद 17 को तहसील गेट के पास से बुधवार की दोपहर कुछ युवक मोटरसाइकिल पर पैसे के लेन-देन में बैठाकर लेकर चले गए। सकरापार नहर के समीप एक पेड़ में बांधकर उसकी पिटाई शुरू कर दिए। लाठी-डंडा के साथ ही बेल्ट से भी पीटा। इसका वीडियो आरोपितों ने बनाया और दहशत पैदा करने के लिए वायरल कर दिया। गुरुवार को वीडियो वायरल होते ही एसपी रोहन पी कनय सख्त हो गए और सीओ सिटी के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपितों की गिरफ्तारी का निर्देश दिया। पुलिस ने गुरुवार को ही नामजद आरोपित नासिर को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही देर रात घटना का वीडियो बनाने वाले रामगुलाम टोला निवासी परमानंद पाठक को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को शुक्रवार को जेल भेज दिया, जबकि एक नामजद आरोपित समेत चार को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इस बाबत पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय ने कहा कि अभी तक इस मामले में आधा दर्जन आरोपित पुलिस के हाथ लग चुके हैं। हालांकि अब तक इनका मुखिया विकास यादव गिरफ्तार नहीं हो सका है। उसकी गिरफ्तारी के लिए यूपी से लेकर बिहार तक छापेमारी की जा रही है। जल्द ही सारे आरोपित पुलिस गिरफ्त में होंगे।

Advertisement

————————
इस घटना में आरोपितों की गिरफ्तारी की मानीट¨रग खुद पुलिस अधीक्षक कर रहे हैं। कोतवाली पुलिस की शिथिलता को देखते हुए एसपी ने देर रात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली के दो इंस्पेक्टर व बघौचघाट थानाध्यक्ष विनय कुमार ¨सह को जिम्मेदारी दी। बघौचघाट थानाध्यक्ष व कोतवाली में तैनात दो इंस्पेक्टर प्रयास में सफल हुए और अधिकांश आरोपित पुलिस के हाथ लग गए।