टेरर फंडिंग के आरोपी भाइयों की एटीएस करेगी नारको टेस्ट

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संदीप त्रिपाठी

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गोरखपुर ।टेरर फंडिंग के आरोप में पकड़े गए मोबाइल कारोबारियों को लेकर एटीएस की टीम लखनऊ चली गई है अहम जानकारी के लिए टीम द्वारा मोबाइल कारोबारियों का नारको टेस्ट कराया जाएगा हवाला में टेरर फंडिंग के मामले में महानगर के मशहूर मोबाइल विक्रेता नईम व अरशद समेत 10 लोगों को एटीएस ने मुकामी पुलिस के सहयोग से उठाकर पूछताछ हेतु लखनऊ ले गई ।
बताया जाता है कि एटीएस को पूछताछ के दौरान इस संबंध में बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं। सूत्रों की माने तो इसकी जानकारी के आधार पर यहां के कुछ अन्य जगहों पर कुछ बड़े अपराधियों कुछ महत्वपूर्ण राजनीतिज्ञों पर भी शिकंजा कस सकता है

एटीएस को खुफिया जानकारी प्राप्त हुई है कि कुछ लोगों के जरिया हवाला एवं आतंकियों को धन पहुंचाने में यहां के कुछ लोगों की सक्रिय भूमिका है सूचना के आधार पर एटीएस ने अपने तरीके से बहुत ही महत्वपूर्ण सूत्रों को इकट्ठा किया तथा अपना जाल फैलाया उसे सफलता भी मिली यहां के कुछ लोगों के संबंध में जानकारी जुटाना शुरू किया जिसके तहत यह बात खुलकर सामने आई कि नईम ब्रदर्स के मालिकान तकरीबन 3 साल में अकूत दौलत कमाए जिसके बल पर उन्होंने सिंगापुर हॉंगकांग मलेशिया समेत दिल्ली में भी बहुत आकर्षक कार्यालय खोल रखा है
वहां से कारोबार का संचालन करते हैं इस संदर्भ में यह भी पता चला कि नईम व अरशद में से एक व्यक्ति माह में 20 दिन विदेश में ही रहता है इन सूत्रो के आधार पर एटीएस ने जो जानकारी जुटाई उसके आधार पर इन लोगों को गंभीर व आपत्तिजनक गतिविधियों के बारे में पता चला।

बताया जाता है कि यह लोग सऊदी अरब से धन को नेपाल रास्ते अपने एजेंट द्वारा प्राप्त करते थे और इन पैसों को वह खुफिया तरीके से संबंधित एजेंटों के जरिए जिन्हें स्लीपर सेल कहा जाता है पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों में पहुंचाते थे।

अपराधियों को गिरफ्तार करने के बाद कल रविवार दिन में एटीएस ने नियंमतह लखनऊ में न्यायालय के सामने पेश किया जिस के बाद न्यायालय ने पुलिस कस्टडी में पूछताछ के लिए भेज दिया।
बताया जाता है की इस प्रकरण में केंद्र और प्रदेश सरकार ने बहुत ही कड़ा रुख अपनाया है अधिकारियों को कड़े निर्देश के साथ पूरी सच्चाई पर्दाफाश कर संबंधित सभी लोगों के खिलाफ कड़ा कदम उठाए जाने का निर्देश दिया बताया जाता है कि एसटीएफ भी इस संदर्भ में गतिमान हो गई है और उसने भी अपने तरीके से छानबीन शुरु कर दिया है इस बात की उम्मीद जताई जा रही है कुछ बड़े चेहरे जो समाज में सफेदपोश बने हुए हैं उनके भी चेहरे से नकाब उतर जाएगी इसकी भनक यहां के बड़े अधिकारियों और राजनीतिज्ञ सफेदपोशों को भी हो गई है जिससे उनके बीच जबरदस्त उहापोह की स्थिति बन गई है।