इंदिरा ने कहा मेरा एक-एक खून का कतरा भारत को जीवित करेगा

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भारतीय इतिहास की आयरन लेडी और देश की पहली व एकमात्र महिला प्रधानमंत्री इंदिरा प्रियदर्शिनी गांधी की 31 अक्टूबर को पूरा देश उनकी 35 पुण्यतिथि मना रहा है।

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एक समय था जब वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की केंद्र बिंदु थीं। उनका जन्म 19 नवंबर 1917 को इलाहबाद में हुआ था। वह 3 बार देश की प्रधानमंत्री बनी थीं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पाकिस्तान से ईस्ट पाकिस्तान को अलग कराया था, जिसे अब बांग्लादेश के नाम से जाना जाता है।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर पीएम मोदी,सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर 31 अक्टूबर (गुरुवार)को कांग्रेस की ओर से जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में सभी जिला व ब्लॉक मुख्यालयों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

कार्यकर्ताओं को भी तैयारी करने के लिए कहा गया है। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि को शहादत दिवस के रूप में मनाएगी।

अपने अंतिम भाषण में जनता को संबोधित करते हुए यह कहा इंदिरा गांधी नें

भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने आखिरी भाषण में कहा था- ‘मुझे चिंता नहीं है कि मैं जीवित रहूं या न रहूं. …जब मेरी जान जाएगी तो मैं कह सकती हूं कि मेरा एक-एक खून का कतरा भारत को जीवित करेगा।

यह चंद लाइन 31 अक्टूबर 1984 की है जब इंदिरा गांधी देश ने यह बोलते हुए देश की एकता और अखंडता के लिए कुर्बान हो गई थीं।